Friday, April 17, 2009

हम तो ऐसे ही हे ..
समझ नही पाता सामनेवाला ..
हम उसीको उसीसे चुरा लेते हे..

आखिर दोस्त हे आपके..
आपका असर रखते हे ..
हम ना कभी बदलेंगे
ना कोई हमें बदल सकता हे ..

नाराज ना कोई रह सकता हे ..
बात किये बगर ना जी सकता हे..
प्यार के बदले में प्यार देते हे..
लाथ के बदले में भी प्यार देते हे ..

हम तो पानी जैसे हे ..
किसी को भी अपने आप
में समां लेते हे ..
और सब में समरस जाते हे ..

हम तो गुलाब फूल की तरह हे
जो सबकी जिंदगी में खुशबू लाते हे..

हम तो ऐसे ही हे ..
हम तो ऐसे ही हे ..
समझ नही पाता सामनेवाला ..
हम उसीको उसीसे चुरा लेते हे...

<शब्द - सखा >

1 comment:

Unknown said...

हम तो पानी जैसे हे ..
किसी को भी अपने आप
में समां लेते हे ..
और सब में समरस जाते हे..bahot achhe...!!